शुक्रवार, 24 अक्तूबर 2008
यह भारत तो हमारा नही है !
आपका क्या कहना है??
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5 टिप्पणियाँ:
- अभिषेक ओझा ने कहा…
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गंदी राजनीति है और कुछ लोग ही हैं, बाकी तो भारतात अपना है ही.
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Sun Oct 26, 06:28:00 PM
- राज भाटिय़ा ने कहा…
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बिलकुल सही कहा आप ने ,लेकिन हिम्मत नही हारनी चाहिये , भाई शान से जीयो चाहे हाथ से मेहनत ही ना करनी पडे, मेने देखा है बहुत ही पढे लिखे को सब्जी बेचते हुये भी, हिम्मत हारने से कुछ नही होता, यह जीवन एक बार मिलता है, ओर इसे जीने की कला आनी चाहिये.
धन्यवाद -
Sun Oct 26, 11:08:00 PM
- योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…
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भाई ऐबी बाप कबाबी मां-बहनें अपनी मरजी की
फिर भी भाई अपने घर का होना बहुत जरूरी है
घर चाहे बनने वाला हो घर चाहे ढहने वाला हो
अपने ही घर भीतर हंसना-रोना बहुत जरूरी है
देश हमारा घर है प्यारे और यही बेहतर है प्यारे
तन कोढ़ी हो जाये फिर भी ढोना बहुत जरूरी है
#आपकी इस पोस्ट के लिये बधाई के बावजूद तीन शेर समर्पित करता हूं
kripya WORD verification hataiye -
Tue Oct 28, 11:08:00 AM
- लवली / Lovely kumari ने कहा…
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काफी -बेबाक और साफ प्रस्तुति ..नियमित लिखे ..
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Tue Oct 28, 01:26:00 PM
- प्रदीप मानोरिया ने कहा…
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आपने एकदम सत्य को उजागर किया है इस सम्बन्ध में मेरी नई रचना सम्पूर्ण देश की हवा एक है अवश्य पढ़ें आपका स्वागत है
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Sun Nov 02, 10:28:00 AM







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